Midterm
Saturday, 24 October 2009
Tuesday, 21 April 2009
गुजराती शादी
मैं गुजरात से हूँ और हमारे यहाँ शादियाँ के पहले "संजी" होता है. हिंदी में इसे "संगीत" कहते हैं. संजी की रात औरतें और आदमी मिल कर गरबा करते हैं और गाना गातें हैं. घर के बच्चे इस रात नाच गाना तैयार कर के सब के सामने पेश करते हैं और घर के बुजुर्ग भी नाचते और गाते हैं. किसी भी शादी में यह रात मेरा सब से मन पसंद रात होता है. पिछले साल मेरी चचेरी बेहेन की शादी में मैं और मेरे भाई बेहेन ने मिल कर एक नाच पेश किया. दूल्हा और दुल्हन ने हमारा नाच बहुत पसंद किया और बहुत खुश थे. उस रात मेरे पिता जी और उनके भाई बेहेन भी साथ साथ गाये और नाचे. इसलिए मुझे संजी इतना पसंद है क्यूंकि यह मौका था पूरे परिवार को साथ वक़्त गुजारने का. जब मेरे बड़े भाई की शादी होगी मैं संजी में खूब नाचूंगी और सब को भी नाच्वऊंगी.
Monday, 20 April 2009
सिख पंजाबी का शादी आनंद कारज कहेते है. सिख शादी बहुत ख़ुशी होती है. अक्सर सिख शादी प्रेम शादी नहीं होती है. शादी के पहेले रिश्तेदार आते है और मज़ा करते है. लोग गाने गेट है और कहानियों सुनाये देते है. लड़कियों का हाथे पर मेहँदी लगते है. जब शादी का दिन आती है, लोग गुरद्वारा जाते है. वहा शादी होती है. लड़का और लड़की गुरु ग्रन्थ साहिब का आगे बेठ थे है. गुरु ग्रन्थ साहिब से चार बार दोनों घूमना फिरना करते है. साडा दिन के लिए लोग गाने गेट है और नाचते है. खाना भी खाते है सरिमोनी के बाद. शाम में दावत होती है. बहुत लोग वहा जाते है और मज़ा करते है.
Wednesday, 8 April 2009
जन्माष्टमी

जन्माष्टमी एक हिंदू त्यौहार है जो श्री कृष्ण के जनम दिन की खुशी में मनाया जाता है। उसके अगले दिन लोग उपवास रखते है और फिर रात को बारा बजे तक जग कर भगवन श्री कृष्ण का जनम दिन मानते है। सुबह जल्दी उठकर औरते छोटे बछो के पैर घर के बहार बनती है जिससे यह लगता है की कृष्ण घर में प्रवेश हो रहे है। और बहुत सारी रस्मे है जो लोग जन्माष्टमी पर मानते है। रात भर भजन होता है। आधी रात को छोटे कृष की मूर्ति को नलय जाता है, झूला मैं डाला जाता है, और फिरसे पूजा करतें है। आदमी लोग एक के ऊपर एक खड़े होतें है और एक लटकता हुआ मटका फोड़ते हैं। लोग खाते नहीं है और पूरा दिन पानी भी नहीं पीतें है। लोग बहुत खुश होतें है क्यूंकि कृष्ण भगवान् विष्णु का अवतार है।
शादी के रस्मे
दक्षिण भारत की शादिया उत्तर भारत से बहुत अलग हैं। पंजाबी, गुजरती, और सिन्धी शादियाँ अवश्य बडे धूम धाम से की जाती हैं लेकिन दक्षिण भारत में संगीत, मेंहदी जैसे रस्मे नही होती। में आँध्रप्रदेश से हूँ और यहाँ की शादियाँ बहुत ही अलग हैं। में दो रस्मों के बारे में बात करूंगी। पहले रस्म को 'काशी यात्रा' कहा जाता हैं। यह रस्म शादी के पहले होती हैं। दूल्हा पूजा करता हैं और फिर कहता हैं की शादी करने के बजाय वह काशी जाना चाहता हैं और अपना जीवन भगवान् सो समर्पित करना चाहता हैं। हाथ में चाता लेकर और लकड़ी के चप्पल पहेनकर वह निकलता हैं। दुल्हन के पिता और भाई दुल्हे को रोकने और मनाने की कोशिश करते हैं। दूसरा रस्म को 'स्नाताकुम' या 'धागे की रस्म' कहा जाता हैं। इस रस्म में दुल्हे के घर में पूजा होती हैं जहाँ दुल्हे को ब्रह्मण का धागा पहनाया जाता हैं।
गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी भाद्रपद महीने में आता हैं। यह त्यौहर इसलिए मनाया जाता हैं क्यूंकि भगवान् गणेश अपने भक्तो केलिए धरती पर आते हैं। यह त्यौहार महराष्ट्र, गोआ, गुजरात और आंध्र प्रदेश में मनाया जाता हैं। पहले दिन, लोग
भगवान् गणेश की मूर्ती खरीदते हैं और घर लेजाकर पूजा करते हैं। मुंबई और दूसरे बड़े शहरों में, गणेश जी के बड़े-बड़े मूर्तियाँ भी बनाये जाते हैं और मंदिरों में पूजा की जाती हैं। अगले दस दिनों केलिए, लोग मेहमानों को अपने अपने घर बुलाते हैं और दावत देते हैं। कहते हैं की जितने गणेश की मूर्तियाँ तुम देखो, उतना ही शुभ हैं। दस के बाद, फिर से एक चोटी सी पूजे की जाती हैं और गणेश की मूर्ती का विसर्जन की जाती हैं। यह दिन बड़े धूम धमके से मनाया जाता हैं। बड़े मूर्तियों को ट्रकों पर रख कर, बैंड बाजे के साथ, रोड पर चलते हैं। लोग खूब जोश में नाचते हैं। उस दिन सब लोग जाकर रोड पर खड़े हो जाते हैं, और मनोरंजित दृश्य देखते हैं।
Tuesday, 7 April 2009
लोहरी
पुनजब मे लोग लोहरी मनाई जाते है। सुभे मे बच्चे पेसे लेते है घर घर से। रत मे लोग आग के नजदीक मिलते है। यहाँ लोग कुछ खाते है और गाने गाते है। घर से लोग खाना लेट है। वहा लोग दूल्हा भट्टी का खानी सुनैजाते है। दूल्हा भट्टी अमेरिका का रोबिन हुड जेसे है। कीमती लोग से चुराके गरीब लोग गो देता था। जब लोहरी आता है, तब विंटर ख़त्म हो रही है। लोग भंगरा करते है और ढोल बजाते है। लोग तिन दिन के लिए लोहरी मनाई जाते है। घर मे या आग के पास पंजाबी लोग गचते है। पंजाबी लोग को नाचना पसंद लगता है। दुसरे घर जाके लोग गाने गाते है। सारा दिन के लिए ये करते है। बहुत खुशी त्यौहार है और लोग बोथ खुश होते है।
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