Sunday, 10 February 2008

bollywood- susila

बोलिवूद में, कुछ कपडे सुंदर है. कहानिया बहुत अच्छी होती. होलिवूद में कहानिया लम्बी नही होती. लेकिन मुझे लम्बी कहानिया पसंद हूँ. बोलिवूद में हर कोई गाने गाते है. साल में बोलिवूद होलिवूद से ज्यादा फ़िल्म बनाता है.

2 comments:

Anonymous said...
This comment has been removed by a blog administrator.
anarkali said...

१.बौलीवुड की िफल्में नाच और गाने के दव्ारा देश की संसिकृती की झलक पेश करती हैं.
२.िह्ंंन्दी िफल्मोंं के ह्लके-फुलके स्वभाव और िसनेमा घरोंं की आपेक्षित सस्ती टिकट होने की कारण िफल्में आम जानता के मनोरंजन का सबसे बिढ़या साधन हैंंं.
३. हौलीवुड के मुकाबले बौलीवुड कहीं ज्यादा िफल्म बनाता है.
४. बौलीवुड की िफल्मोंं को सारी दुनिय में लोग देखते और पसंद करते हैं िजसके दव्ारा भारतीय संसिकृती सारी दुनिय में पहुंच रही है.
५. बौलीवुड कई विषयोंं और शैिलयोंंं की िफल्में बना रहा है िजसकी कारण बौलीवुड को अन्तर्राष्ट्रीय स्टार पर मान्यता मिल रही है.