Wednesday, 28 January 2009
Sunday, 25 January 2009
मेरे बचपन की स्मृतियाँ
मेरे बचपन में बहुत अच्छे याद हैं। छ: साल के लिए मैं "एरिजोना" में रही थी। एरिजोना में, मैंने पाँच क्लास तक पड़ा। मुझे याद है कि एरिजोना में, मौसम बहुत अच्छा था। गर्मी में, मैं और मेरा भाई ने हर रोज़ बाहर खेले। हम ने पूल में खेले। गर्मी में, मेरे माँ ने जूस के साथ "पाप्सिकल" बना। ये बहुत अच्छे थे और मेरे मन पसंद पाप्सिकल संतरे का पाप्सिकल था। अरिजोने में, हमारे गर के पास, दो बगीचे थे। एक बगीचा , मेरे नानी का बगीचा था। इस बगीचे में, बहुत सब्जियाँ थी। दूसरी बगीचे में, बहुत सुंदर फूल थे। मेरे मन पसंद फूल लाल रोजे थे। हर गर्मी में, ये रोजे बहुत बड़े और सुंदर खिले। अरिजोने में, मेरे स्कूल का नाम "मंज़निता" था। स्पेनिश कि बाषा में, इस नाम का मतलब "चोटी सेब" है। मंज़निता बहुत मजेदार स्कूल था! मुझे याद है कि हर क्रिसमस, यह स्कूल बड़ा सुंदर लगा। स्कूल में, हर दीवार पर, बहुत क्रिसमस का दीपे लगा। लाइब्रेरी के सामने, एक सुंदर क्रिसमस का पेड़ था और इस पेड़ के निचे, बहुत तोफे थे।
मेरे बचपन की एक और स्मृतियाँ "कैलिफोर्निया" में थी। यहाँ, मैं पहले बार "दिस्नेय्लंद" गयी। मैं अपना परिवार और हमारे दोस्तों के साथ गए। दिस्नेय्लंद में, मैंने बहुत "राइड्स" पर खेली, और बहुत कौतुक देखा। हम सब दिस्नेय्लंद में, एक हफ्ते के लिए रहे थे। यह छुट्टी बहुत मजेदार थी।
मेरे बचपन की एक और स्मृतियाँ "कैलिफोर्निया" में थी। यहाँ, मैं पहले बार "दिस्नेय्लंद" गयी। मैं अपना परिवार और हमारे दोस्तों के साथ गए। दिस्नेय्लंद में, मैंने बहुत "राइड्स" पर खेली, और बहुत कौतुक देखा। हम सब दिस्नेय्लंद में, एक हफ्ते के लिए रहे थे। यह छुट्टी बहुत मजेदार थी।
Tuesday, 13 January 2009
सर्दी की छुट्टिया
सर्दी की छुट्टिया में मैं ने बहुत कुछ नहीं किया। मेरी माँ दो हफ्ते के लिए भारत गई थी और मैं और मेरे भाई और मेरे पिता घर पर रहते थे | हमारे घर वेस्ट ब्लूम्फिएल्ड में हे | हम एक साथ बहुत समय बिताते थे | मैं मेरी सबसी आच्छे सहेली के साथ बहुत फिल्मे देखीं | हमारे मन पसंद फ़िल्म स्लम दोग मिल्लिओनैर थी | यह फ़िल्म भारत के बारे हे और मुंबई की अग्रिब लोग के बारे हे | यह फ़िल्म बहुत उदास हे लेकिन बहुत दिल्चुस्प भी हे | मैं "करिओउस केस ऑफ़ बेंजामिन बटन " भी देखी | यह फ़िल्म भी बहुत आची हे और "ब्रैड पिट "इस फ़िल्म में हे | मैं छिकागो जाने चाहती थी लेकिन गाड़ी चलाने के लिए मौसम ठीक नहीं थी | तो हम नहीं जा सकते | मेरे परिवार दिल्ली से आयें और मेंने उनके थोड़ी हिन्दी बोलती थी लेकिन बहुत मुश्किल थी क्यों की हिन्दी बोलने आसान नहीं हे | मेरे छुट्टिया बहुत मज़ेदार नहीं थी लेकिन मेंने बहुत आराम किया | मेरी एक सहेली ऑस्टिन से आई थी | वह मेरी बहुत पुराणी सहेली हे | मैं उसको मिली जब हम ग्यारा साल थी और आभी हम इक्कीस हैं |
Monday, 12 January 2009
Pratik Narula's Winter break
मैंने इस ब्रेक में आराम के सिवा कुछ भी नही की या
मै रोज लेट उत्था था और टीवी देखथा रहता था
मेरे माँ और पिताजी मुझे काम करने को कहते रहते थे लेकिन मै उन की बात कभी भी नही सुनता था
इस ब्रेक में मैंने खूप हिन्दी फिल्मे देखि जैसे की घजनी और रब ने बना दी जोड़ी
दोनों फिल्मे कफ्ही अच्छी थी लेकिन आमिर खान की घजनी ने थो मेर को हिला के रख दिया
क्यों की उस की बॉडी बहुत ही सेक्सी थी और साडी लड़किया पागल हो रही थी
थो फिर मैंने भी सोचा के अगर मैं जिम जाऊंगा तो लड़की मेरी बॉडी को भी सेक्सी कहेगी
इस ख़यालात के बाद न्यू इयर के दिन मैं ने अपने परिवार के सात समय बिताया
हम ने खूप डांस वंस किया और उस रात के बाद दिन इतनी जल्दी बीते की और कुछ करने का वक्त ही नही था
और फीर वाकेशन ख़तम हो गई और अब मैं स्कूल मैं बोर होता हूँ
मै रोज लेट उत्था था और टीवी देखथा रहता था
मेरे माँ और पिताजी मुझे काम करने को कहते रहते थे लेकिन मै उन की बात कभी भी नही सुनता था
इस ब्रेक में मैंने खूप हिन्दी फिल्मे देखि जैसे की घजनी और रब ने बना दी जोड़ी
दोनों फिल्मे कफ्ही अच्छी थी लेकिन आमिर खान की घजनी ने थो मेर को हिला के रख दिया
क्यों की उस की बॉडी बहुत ही सेक्सी थी और साडी लड़किया पागल हो रही थी
थो फिर मैंने भी सोचा के अगर मैं जिम जाऊंगा तो लड़की मेरी बॉडी को भी सेक्सी कहेगी
इस ख़यालात के बाद न्यू इयर के दिन मैं ने अपने परिवार के सात समय बिताया
हम ने खूप डांस वंस किया और उस रात के बाद दिन इतनी जल्दी बीते की और कुछ करने का वक्त ही नही था
और फीर वाकेशन ख़तम हो गई और अब मैं स्कूल मैं बोर होता हूँ
Hindi HW 1
मेरी सर्दी की छुट्टिया काफी छोटे थे लेकिन मज़ेदार थे. छुट्टिया के लिए मैं वापस घर गया. चीन पोंछने में २ दिन लगे. पहेले ३ दिन के लिए, अच्छा घर का खाना खाकर, टीवी देखकर और परिवार के सात वक़्त बिताकर और कुछ नहीं किया. घर का खाना खाकर बहुत मोटा हो गया हूँ. काफी फ़िल्म देखि जैसे की रब ने बनादी जोड़ी और दोस्ताना. मेरे काफी दोस्त भी वापस आए थे तो उन से मिलने की मौका भी मिला मुझे. नया साल के लिए, मेरे परिवार ने शानदार पार्टी मनाई क्योंकि मेरा भाई का जनम दिन भी उसी दिन पर हैं. मेरी मसि भी चीन आयी थी तो उसे मिलने की मौका भी मिला. खेर, मुझे इस नया साल के बहुत उमीदें हैं और भगवान् चाहिये तो सब पुरे होंगे.
मेरी सर्दी की छुटिटयाँ
मेरी सर्दी की छुटिटया मे मैन बहुयत थोर स काम क। लेकिन मैने हमारी मा की खाना बहुत खाया। मुक्ष्को उन्से खाना बनाना सीखना है। अगली साल मै अपार्टमैन्ट मे रहँगा और मुक्षको अपनेआप खाना बनाना पङेगा। छुटिटया की पहल हफता मे मैने किताबो की दुकान गया। बहूत अच्चे अच्चे कितबे खरीदे हमने। सबमे मैने केवल एक कितब परा। आज कल मै बाकी किताबे पङरहा हूं। एक दो दिन किलीये मै और मेरा परीवार ने कैनैडा गये। वहा हमारे दोस्तो रहेते। बहूत अच्चा था उन्से मिल्ने। वहा हमने स्नो मे खेले और बात कीया।
सर्दी की छुटिटया
मेरी सर्दी की छुट्टिया बहुत छोटी थी। सिर्फ़ पिंद्रे दिन थी। उन दो हफ्ते में, मैंने बहुत चीजें किया। रोज मैं दो घंटे के लिए जिम जाता था। वहां मैं आधा घंटे के लिए दौड़ता था और फिर एक घंटे के लिए मैं मेरी थकाथ बनाता था। कभी कभी मैं स्वीमिंग भी करता था। रोज मेरी माँ ने मेरे लिए बहुत खाना बनाती थी। कोई दिन मुझे दल, रोटी, आलू की सब्जी, मटर पनीर, सरसों का साग, और खीर मिली--बहुत मज्ज आया। दूसरे वक्त पर मैंने अगले साल की सोची भी की। ग्रादुअशुन के बाद मुझे मेडीसिन करना है। इसलिए अभी मैं ग्राजुअट स्कूल के फॉर्म कथंम कर रहा था। न्य सल् का दिन में मै सिनसिनाटी गया। मेरी दोस्तों से मिला और खूब मजा आया।
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